गुरुवार, 4 दिसंबर 2014

तेरे हिस्से का वक़्त...


"जिसने वक़्त को नही समझा वो हमेशा हारा है " ये पंक्ति किसी महानुभाव ने किसी ज़माने में लिखी होगी , मगर इसका सिक्का ऐसा जमा कि हर कोई भयभीत रहने लगा। और सबने वक़्त को कैद करना चाहा।  लेकिन जब बुद्धिमानों की समझ में ये आया कि "वक़्त कभी किसी के लिए नहीं रुकता।" तो फिर हार मानने की  बजाय वक़्त को बाँट दिया।  पहले सालों में , महीनों में , हफ़्तों में ,दिनों में ,घंटों में ,मिनटों में  फिर सेकण्डों में और अब तो सेकण्ड के भी हजारों हिस्से कर दिए गये हैं। मगर फिर भी वक़्त है कि  हाथ ही नहीं आता.

यूँ तो ये वक़्त दिनभर सरपट दौड़ता रहता है, सांस लेने तक की फुर्सत नहीं मिलती। मगर जैसे ही शाम होती है , तो सूरज के साथ वक़्त भी ढलने लगता है और रात होते होते ठहर सा जाता है। लगता है जैसे इसके साथ ही मेरी साँसे भी ठहर जाएंगी। मैं हर शाम से देर रात तक तुम्हारा इंतज़ार करता हूँ , जब तक कि तुम सो नहीं जाते (मुझे पता है, तुम कब सोते हो ). मगर तुम नहीं आते लेकिन हाँ तुम्हारे हिस्से का वक़्त जरूर चला आता है,,,,एक घने कोहरे की  चादर ओढ़े।  और फिर वही दिनभर सरपट दौड़ने वाला वक़्त इत्मिनान से सुस्ताता  है , लगता है जैसे घड़ी की सुइयाँ बर्फ़ सी जम गईं हैं और उन्हें अलाव की  जरूरत है। 
 आजकल दिन छोटे और रातें बहुत लम्बी होने लगीं हैं। 


तू मेरी ज़िंदगी में शामिल नहीं है लेकिन …
तेरे हिस्से का वक़्त आज भी तन्हा गुजरता है।

गुरुवार, 18 सितंबर 2014

मीडिया की चुप्पी

'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी'  यानी दुनियां कि सबसे बड़ी मूर्ति के तौर पर घोषित की गयी सरदार पटेल की प्रस्तावित मूर्ति की आधारशिला गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रख दी है.
याद  करें, एक अरसा पहले उत्तरप्रदेश की तत्कालीन  मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में महापुरुषों की मूर्तियां स्थापित करने को लेकर मीडिया की भूमिका किस हद तक आलोचना से भरी थी, टीवी स्टूडियो में प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की कभी न खत्म होने वाली अनगिनत बहसों में लब्बोलुआब यही रहता था कि मायावती इतना पैसा इन मूर्तियों में खर्च करने की बजाय अगर स्कूलों और अस्पतालों के निर्माण में लगातीं तो प्रदेश का कल्याण होता . जनता का पैसा सही ठिकाने लगता.
फिर  आज एक मुख्यमंत्री की राजनैतिक तरक्की के लिए इतने बड़े पैमाने पर खर्च हो रहे पैसे पर मीडिया चुप क्यों है?
मायावती की कई दिनों तक टांग खींचने वाला मीडिया इसमें पैसे कि बर्बादी देख रहा था. और तब यही मीडिया सरकार को पैसा जनहित में खर्च करने की तमाम योजनाएं सुझा रहा था,
यह प्रस्तावित मूर्ति अमेरिका स्थित 'स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी' से दुगुनी होगी और रूस के रियो-डी-जेनेरियो स्थित ईसा की मूर्ति से चार गुना लंबी होगी .

रविवार, 3 अगस्त 2014

Freindship day

उसके मिलने के बाद मैंनें किसी से दोस्ती नहीं की.
उसने मेरे हजार दोस्तों की कमी पूरी की.
और मैं उससे हमेशा हजार दोस्तों जितनी उम्मीदें करता रहा,
उसने मेरी 999 उम्मीदें पूरी कीं, पर मैं बाकी एक उम्मीद के पूरी न होने पर झगडता रहा.......
मगर,
वो अपनाए रहा मुझे, मेरी सारी ग़लतियों के बाबजू़द...
कई बार सोचता हूं कि मैं क्या हूँ उसके बिना? पर
फिर भी कभी-कभी हिम्मत नहीं जुटा पाता कि सिर झुकाकर माफी मांग लूँ , और कह दूं- "तुम इस ब्रह्मांड की सबसे खूबसूरत और सच्ची दोस्त हो! मुझे कभी अकेला मत छोडना"

रविवार, 15 जून 2014

पापा

उंगली पकड कर चलना सिखाया
बाहों में लेकर झूला झुलाया
अपने हाथों से निवाला खिलाया
अक्षरों से पहली मुलाकात करवाई
कांधे पे बिठा के दुनियां दिखाई
दुनिया की मेरी हर पसंद दिलाई

छोटी छोटी गलतियों पर डांटा
ताकि कोई पराया न डांट सके
मैं नाराज हुआ तो कभी नहीं मनाया
ताकि मैं कहीं रूठना न सीख जाऊँ
मेरी छोटी-मोटी उपलब्धियों पर कभी प्रसंशा नहीं की
ताकि मुझे कहीं गुरूर न हो जाए

पापा,
एक आप ही तो हैं,
जिनसे मांगते वक्त मैं कभी ये नहीं सोचता कि
ये चीज मुझे मांगनी चाहिए थी या नहीं..